चंडीगढ़/जालंधर (Public updates TV): पंजाब में बारिश और डैम से छोड़े जा रहे पानी ने हालात बिगाड़ दिए हैं। पौंग डैम का जलस्तर 1396 फीट तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से ऊपर है। इसके चलते प्रदेश के 7 जिले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
मौतें और लापता: माधोपुर में 2 और गुरदासपुर में 1 व्यक्ति की मौत; पठानकोट में गुर्जर परिवार के 4 सदस्य लापता।
सबसे प्रभावित जिले: पठानकोट, गुरदासपुर, तरनतारन, होशियारपुर, कपूरथला, फिरोजपुर और फाजिल्का।
प्रभावित गांव: 150 से अधिक गांव पानी में डूबे, कई जगह 5 से 7 फुट तक जलभराव।
बचाव कार्य
फिरोजपुर में 2000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया और राहत कैंपों में शिफ्ट किया गया।
सेना, एनडीआरएफ और पुलिस लगातार राहत व रेस्क्यू अभियान में जुटी।
पहली बार बचाव के लिए एंफीबियन वाहन (जो जमीन और पानी दोनों में चल सकते हैं) उतारे गए।
ताजा स्थिति
अमृतसर के अजनाला में बाढ़ प्रभावित गांवों की संख्या 15 से बढ़कर 25 हुई।
रावी का जलस्तर बढ़ने पर कई गांव खाली कराए गए।
बुधवार को माधोपुर हेडवर्क्स का गेट टूटने से पानी का दबाव और बढ़ गया।
पठानकोट-जम्मू हाईवे पर यातायात बाधित।
अलर्ट जारी
बीबीएमबी ने घोषणा की है कि आज दोपहर 2 बजे ब्यास नदी में 1 लाख 10 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा जाएगा।
हिमाचल और पंजाब के डूब क्षेत्र वाले सभी गांवों में हाई अलर्ट।
रणजीत सागर बांध का जलस्तर भी खतरे के करीब पहुंचा, सुरक्षा के लिहाज से 4 गेट खोले गए।