अमृतसर/जालंधर (Public Updates TV): शुक्रवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब पर विशेष कीर्तन और अरदास का आयोजन किया गया। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ग्यानी कुलदीप सिंह ने अरदास के बीच ही सिख कौम के नाम एक भावनात्मक संदेश दिया।

दिलचस्प बात यह रही कि जत्थेदार ने खुद अरदास की और उसी दौरान कौम के नाम संदेश पढ़ दिया, जिससे विरोध का कोई मौका नहीं मिला। सिख परंपरा के अनुसार अरदास के दौरान किसी भी प्रकार का विरोध करना अनुचित माना जाता है।

शिअद (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान की मौजूदगी, लगे खालिस्तान समर्थक नारे
इस कार्यक्रम में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। अरदास के दौरान वहां खालिस्तान जिंदाबाद के नारे भी सुनाई दिए, जिससे माहौल briefly संवेदनशील बन गया।
पाकिस्तान की साजिश: ISI दे रहा खालिस्तान आंदोलन को हवा
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने चेताया है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के बहाने पंजाब का माहौल बिगाड़ने की साजिश रच रही है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ऐसे 250 अकाउंट्स को चिन्हित किया गया है जो भारत सरकार के खिलाफ भड़काऊ सामग्री फैलाकर खालिस्तान समर्थकों को एकजुट कर रहे हैं।
विदेशों में खालिस्तानी एजेंडे को दी जा रही हवा
इन सोशल मीडिया अकाउंट्स का संचालन यूके, यूएस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, कनाडा समेत अन्य देशों से किया जा रहा है।
NIA की रिपोर्ट के मुताबिक, इन अकाउंट्स के जरिए रैलियों, जनमत संग्रह और विरोध प्रदर्शनों की योजना बनाई गई है जिससे ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी पर भारत सरकार के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोष जताया जा सके।
सोशल मीडिया पर साजिश को नहीं मिल रहा व्यापक समर्थन
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक्स पर चलाए गए इस अभियान को उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला है।
डेटा के अनुसार, 70.2% लोगों ने खालिस्तान समर्थक एजेंडे का विरोध किया, जबकि केवल 29.8% लोग ही इसका समर्थन कर रहे हैं।
गुरपतवंत सिंह पन्नू ने ली हमले की जिम्मेदारी, दी नई धमकी
सिख्स फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 6 जून को जालंधर के फिल्लौर में डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति के स्वरूप को बिगाड़ने की जिम्मेदारी ली है। उसने यह भी धमकी दी है कि पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में डॉ. आंबेडकर की अन्य मूर्तियों को भी निशाना बनाया जाएगा। इसके साथ ही, वह भारत विरोधी झूठ और प्रोपेगेंडा फैलाने में भी जुटा हुआ है।

