जालंधर (public Updates TV बारिश के मौसम में जलजनित और मच्छरजनित रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को रोग-संवेदनशील क्षेत्रों (हॉटस्पॉट) की तत्काल पहचान करने के निर्देश दिए हैं।
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इन बीमारियों पर काबू पाने के लिए बहु-विभागीय तालमेल जरूरी है, खासतौर पर उन इलाकों में जहां हर साल केस सामने आते हैं।
उन्होंने सभी एस.डी.एम. से अपने क्षेत्रों में गतिविधियों की व्यक्तिगत निगरानी करने और प्रकोप की स्थिति में तेज और समन्वित प्रतिक्रिया देने के लिए रणनीति तैयार करने को कहा।
बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसबीर सिंह और सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत लाल भी मौजूद रहे। इस दौरान डॉ. अग्रवाल ने 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना की तैयारियों की भी समीक्षा की और इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती मरीजों के लिए रोज़ाना योग सत्र शुरू करने का सुझाव भी दिया, जिससे उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार हो सके। साथ ही, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों के बुनियादी ढांचे की स्थिति का भी गहन मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए।
अंत में डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों से अपील की कि वे जालंधर को स्वास्थ्य सेवाओं और रोग नियंत्रण में एक आदर्श जिला बनाने के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता से कार्य करें।