फरीदकोट/चंडीगढ़ (Public Updates TV): फरीदकोट पुलिस ने महिला अपराध शाखा के DSP (क्राइम अगेंस्ट वूमेन) राजन पाल को गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है।

आरोप है कि उन्होंने किरणजीत कौर नामक महिला की शिकायत की जांच के दौरान उसके परिवार से ₹1 लाख की रिश्वत वसूलने की साज़िश रची। इसके साथ ही, शिकायत दबाने के लिए एसएसपी के रीडर को भी ₹1 लाख रिश्वत देने की कोशिश की गई।
शीघ्र गिरफ्तारी
DSP राजन पाल के खिलाफ शिकायत मिलने पर भाई कर्मतेज सिंह ने एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन को लिखित शिकायत की। मामले की भनक लगते DSP ने सीधे रीडर ASI जसविंदर सिंह से संपर्क कर पैसा देने का प्रयास किया। लेकिन रीडर ने तुरंत सूचना देते हुए एसएसपी को सतर्क किया।
कानूनी प्रक्रिया और गिरफ्तारी
एसएसपी के निर्देश पर थाना सिटी में भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम के तहत FIR दर्ज की गई और DSP राजन पाल को गिरफ्तार कर लिया गया।
🛡️ क्या संदेश देती है यह कार्यवाही?
1. पुलिस सुधार की दिशा: Punjab सरकार व पुलिस विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी रियायत नहीं दे रहे हैं ।
2. पद का Misuse: उच्च रैंक के अधिकारी द्वारा की गई ऐसी घटनाएं पुलिस की छवि को प्रभावित करती हैं, लेकिन समय पर कार्रवाई से व्यवस्था में विश्वास बना रहता है।
3. पद का सही उपयोग अहम: शिकायतों के बोझ से कई मामलों में फैसले लंबित रहते हैं, लेकिन इस घटना से स्पष्ट संदेश गया कि पद का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अथक प्रयास की मिसाल है। ऐसे उदाहरण से साफ संदेश जाता है—पुलिस में भी जवाबदेही बनी रहेगी, और किसी भी स्तर पर कदाचार नहीं चलेगा।

