जालंधर (Public Updates TV): अब शादी-ब्याह, होटल या रेस्टोरेंट में मनपसंद गाने बजाना आसान नहीं रहेगा। म्यूजिक कंपनियों ने कॉपीराइट नियमों को सख्ती से लागू करने की तैयारी कर ली है। जिन गानों के लिए कंपनी की अनुमति नहीं ली जाएगी, उन पर अब जुर्माना और केस दोनों हो सकते हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि निजी या नॉन-कमर्शियल कार्यक्रमों — जैसे घर की शादी या छोटा पारिवारिक फंक्शन — में किसी भी तरह की रोक नहीं होगी।
अब डीजे या होटल मालिकों को कंपनी से ऑनलाइन लाइसेंस लेना होगा और शुल्क सीधे कंपनी के खाते में जमा करवाना होगा। लाइसेंस न लेने पर कॉपीराइट अधिनियम 1957 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें सजा और जुर्माना दोनों शामिल हैं।
कई मैरिज पैलेस और होटल मालिकों ने बताया कि कंपनियां पहले ही उनसे कॉपीराइट फीस मांगने लगी हैं। फीस न देने पर नोटिस जारी कर ₹40 हजार से ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कंपनियों के कर्मचारी अब शादियों में जाकर बजने वाले संगीत की रिकॉर्डिंग करेंगे और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई होगी।
यह नया सिस्टम न केवल संगीत कंपनियों की आमदनी बढ़ाएगा, बल्कि शादी सीजन में कई युवाओं को रिकॉर्डिंग एजेंट के रूप में रोजगार का भीअवसर देगा।

