प्लॉटों की नहीं होगी रजिस्ट्री… हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनियों के रेगुलराइजेशन पर रोक जारी रखी
चंडीगढ़ (Public Updates TV): पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण पर रोक जारी रखी है। पंजाब सरकार की तरफ से शुक्रवार को अर्जी दाखिल कर हाईकोर्ट के इस संबंध में आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई।
हाईकोर्ट ने 19 मार्च के आदेश में पंजाब सरकार को पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 की धारा 20 (3) के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए कहा था। इस प्रावधान के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि किसी कॉलोनी में भूमि, प्लॉट अथवा बिल्डिंग का बिक्री समझौता या दस्तावेज तभी रजिस्टर्ड होगा, जब उसे सक्षम प्राधिकारी से लाइसेंस प्राप्त हो।
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने मामले पर फाइनल हियरिंग के लिए सितंबर माह में सुनवाई तय करते हुए कहा कि सरकार को छूट है कि वह सुनवाई न होने की स्थिति में रोक की मांग पर सुनवाई के लिए जोर डाल सकती है।
यह एक्ट का खुलेआम उल्लंघन, विधेयक संशोधन के जरिए राज्य में अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा देने की कोशिश : याची
लुधियाना निवासी प्रेम प्रकाश की तरफ से जनहित याचिका दायर कर कहा गया कि पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट की धारा 20 के तहत अवैध कॉलोनियों में स्थित प्लॉटों की बिक्री समझौतों के रजिस्ट्रेशन पर प्रतिबंध है।
राज्य सरकार ने पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन (संशोधन) एक्ट 2024 के माध्यम से एक अपवाद पेश किया है। इसके तहत यदि कोई संपत्ति अवैध कॉलोनी में हो तो रजिस्टरिंग अथॉरिटी उसे रजिस्टर करेगी, बशर्ते समझौता, पावर ऑफ अटॉर्नी या इसी तरह के दस्तावेज 31 जुलाई, 2024 तक दोनों पक्षों के बीच एग्जिक्यूट किए गए हों और वह प्लॉट 500 वर्ग/गज तक का हो। याचिका
रजिस्ट्री न होने से लोग परेशान, लिहाजा हाईकोर्ट एक्ट का पालन करने संबंधी आदेश पर रोक लगाए…
एक्ट का पालन सुनिश्चित करने के हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद अवैध कॉलोनियों में बिना एनओसी और बिल्डर के लाइसेंस के प्लॉटों की रजिस्ट्री फिलहाल नहीं हो रही है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान कहा गया कि चंडीगढ़ के पास कस्बा नया गांव में इसके चलते रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है और लोग इससे परेशान हो रहे हैं। लिहाजा हाईकोर्ट एक्ट का पालन करने संबंधी आदेश पर रोक लगाए।
में कहा गया कि यह एक्ट का खुलेआम उल्लंघन है। विधेयक संशोधन के जरिए राज्य में अवैध कॉलोनियों को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है। यदि ऐसा होने दिया गया तो यह कानून की अनदेखी होगा। इससे पहले भी पंजाब में वर्ष 2018 और 2021 में इसी तरह की कोशिश की गई थी। कहा गया कि राज्य सरकार
की इस उदार नीति के चलते जीरकपुर से लेकर डेराबस्सी तक भारी ट्रैफिक जाम होते हैं और यही स्थिति पंजाब के तमाम शहरों में है। इनमें लुधियाना, अमृतसर और जालंधर मुख्य तौर पर शामिल हैं। राज्य के बेहतर भविष्य के विकास के लिए इन अवैध कॉलोनियों को रोकने की आवश्यकता है।