विजिलेंस की चार्जशीट में कई बड़े नाम उजागर, डर और दबाव से वसूली का आरोप
जालंधर (Public Updates TV):पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही विजिलेंस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। विधायक रमन अरोड़ा, एटीपी सुखदेव वशिष्ठ, उनके साले राजू मदान और करीबी आढ़ती महेश मखीजा समेत कई लोगों के खिलाफ विजिलेंस की पहली चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। इसमें पैसे की सेटिंग, डराकर वसूली और अफसरों की मिलीभगत के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

RTI एक्टिविस्ट पर भी रिश्वत का आरोप
बंदा बहादुर नगर निवासी ट्रांसपोर्टर महिंदर गुल्लू ने बयान में कहा कि विधायक ने विजिलेंस में फंसा देने की धमकी देकर 10 लाख की मांग की, सौदा 5 लाख में तय हुआ। एटीपी सुखदेव ने पहले उसे RTI एक्टिविस्ट रविंदर पाल सिंह चड्डा से मिलवाया, जिसने 2 लाख रुपए ले लिए। विजिलेंस ने चड्डा को नामजद किया है और जांच जारी है।
व्यापारी से हर महीने 50 हजार की वसूली
सुपर क्रिमिका स्वीट्स के मालिक अशोक कुमार ने बताया कि विधायक ने चुनाव में साथ न देने की दुश्मनी निकाली। उनसे डेढ़ लाख रुपए लिए और हर महीने फंक्शन में शॉप से मुफ्त में 50 हजार तक का सामान मंगवाया जाता था।
अस्पताल मालिक से 10 लाख की रिश्वत
डॉ. मुकेश जोशी ने आरोप लगाया कि विधायक ने पहले 10 लाख रुपए लिए और फिर और पैसों की मांग की। मना करने पर झूठे केस में फंसा दिया गया।
किरायेदार के बहाने प्रॉपर्टी डीलर से वसूली
प्रॉपर्टी डीलर नीरज जिंदल ने बताया कि विधायक ने सीआईए स्टाफ में पर्चा दर्ज करवाने का डर दिखाया और 2 लाख रुपए ले लिए। बाद में मकान खाली करवाने के लिए 4 लाख और मांगे गए।
पीए भेजकर मांगते थे रिश्वत, सील की धमकी आम
सुखविंदर लाली ने कहा कि मरम्मत करवा रहे थे, तो निगम परेशान करने लगा। विधायक के कथित पीए ने 20 लाख मांगे, बाद में 8.50 लाख में डील हुई। कुछ समय बाद फिर तंग कर इमारत सील कर दी गई।
अन्य व्यापारी भी आए सामने
नरेश कुमार (अग्रवाल ढाबा): ढाबा सील करने की धमकी देकर 8 लाख लिए।
संजीव दुग्गल (बेकरी मालिक): महिला इंस्पेक्टर को 3 लाख दिए।
नरिंदर अग्रवाल: 1 लाख की रिश्वत दी।
यशपाल खन्ना: 5 लाख देने की ऑडियो रिकॉर्डिंग विजिलेंस को सौंपी।
जांच जारी, और भी खुलासों की संभावना
विजिलेंस अब उन अफसरों की भूमिका की जांच कर रही है, जिनके जरिए विधायक अपने काम निकलवाते थे।

