जालंधर (Public Updates TV): पंजाब सरकार द्वारा अपने ही विधायक रमन अरोड़ा समेत नगर निगम के एटीपी सुखदेव वशिष्ट और बिल्डिंग ब्रांच इंस्पेक्टर हरप्रीत कौर पर की गई कार्रवाई के बाद अब सरकार 500 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले पर भी सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो यह घोटाला जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से जुड़ा हुआ है, जहां विकास योजनाएं वर्षों से अधूरी पड़ी हैं और कोर्ट के आदेशों की भी खुलेआम अनदेखी की जा रही है।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की कार्यशैली पर सवाल
जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट लंबे समय से विवादों में घिरा रहा है। न तो यह लोगों के काम करवा पा रहा है और न ही फेल हो चुकी विकास योजनाओं में निवेश किया गया पैसा लौटा पाया है। इतना ही नहीं, कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों के बावजूद घोटालों में संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
34 प्लॉटों की फाइलें अब भी गायब
28 अप्रैल 2022 को तत्कालीन चीफ विजिलेंस अफसर ने लोकल बॉडी को पत्र भेजकर ट्रस्ट के तत्कालीन ईओ और सुपरवाइजिंग इंजीनियर से 34 संदिग्ध प्लॉटों की फाइलें तलब की थीं, लेकिन यह फाइलें आज तक चंडीगढ़ नहीं पहुंचीं। माना जा रहा है कि इन फाइलों में ऐसे दस्तावेज छिपे हैं, जो करोड़ों के घोटाले की पुष्टि कर सकते हैं।
जिन प्लॉटों पर उठे सवाल
संदिग्ध प्लॉटों में सूर्या एन्कलेव एक्सटेंशन स्कीम, ऋषि नगर, ट्रांसपोर्ट नगर, मास्टर तारा सिंह नगर और गोपाल नगर की स्कीम के कई प्लॉट शामिल हैं। आरोप हैं कि इन प्लॉटों की रजिस्ट्री बिना भुगतान के कर दी गई, या फिर रसूखदार लोगों को गलत तरीके से अलॉट कर दिए गए। कुछ मामलों में कोर्ट के आदेश के बावजूद कब्जा हटवाने में लापरवाही बरती गई और प्लॉटों का गलत तरीके से पुनः अलॉटमेंट कर दिया गया।
इन प्लॉट की मंगवाई गई थीं फाइलें
चीफ विजीलैंस अफसर को भेजे गए लैटर में कुल 34 प्लॉटों की फाईल पूरे रिकार्ड के साथ तलब की गई थी। जिसमें सूर्या एन्कलेव एक्सटेंशन स्कीम के प्लॉट नं 2-सी, 3-सी, 4-सी, 5-सी, 6-सी, 7-सी, 8-सी, 9-सी, 10-सी, 11-सी, 12-सी, 14-सी, 25-सी. 26-स4, 27-स4, 29-सी, 33-सी, 34-सी, 35-सी, 39-सी, 42-सी शामिल हैं। इसी तरह से ऋषि नगर के प्लॉट नं 1425, ट्रांसपोर्ट नगर के प्लॉट नं 4,5,6,7, 28, 29, 130, मास्टर तारा सिंह नगर के प्लॉट नं 59 और 50 के साथ गोपाल नगर 31.78 ऐकड़ स्कीम के प्लॉट नं 9 व 16 शामिल हैं।
अधिकारियों की चुप्पी बढ़ा रही संदेह
इस पूरे मामले में जब ट्रस्ट के ईओ राजेश चौधरी और लोकल बॉडी डायरेक्टर गुरप्रीत सिंह खैहरा से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उनकी चुप्पी ने संदेह और भी गहरा कर दिया है।
भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख
सीएम भगवंत मान पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार में पार्टी का कोई भी नेता हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। रमन अरोड़ा पर कार्रवाई के बाद लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं कि अब इंप्रूवमेंट ट्रस्ट में हुए 500 करोड़ के घोटाले की भी जांच तेज होगी और दोषियों को सजा दिलाने के लिए सरकार निर्णायक कदम उठाएगी।